" UP Shamli News : ' यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ' के तहत अब किसानों को मिल रहा है ₹5 लाख का मुफ्त बीमा , जिसमे किसानों के साथ हुई दुर्घटना से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियों से उभरने के लिए यूपी सरकार द्वारा उन्हें आर्थिक सहायता धनराशि दी जा रही है। सम्पूर्ण जानकारी आगे लेख में पढ़े...
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| योजना से जुड़ा एक सांकेतिक दृश्य |
यूपी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना :
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा राज्य के सभी किसानों को सामाजिक रूप से और आर्थिक रूप से सुरक्षा देने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है ; जिसका नाम है- 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ।' इस योजना के तहत खेती करने वाले किसी भी किसान को खेती के दौरान यदि किसी भी दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो उसके परिवार को 5 लाख तक की वित्तीय सहायता राशि दी जाती है । अगर आप भी उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं , उत्तर प्रदेश के किसान हैं तो आपको भी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी होना बेहद आवश्यक है । चलिए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कौन ले सकता है कौन इसके पात्र है और कैसे आवेदन करें?
📌योजना के मुख्य लाभ :
- मृत्यु होने पर : यदि किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को पूरे ₹5 लाख (500000 रुपये ) की सहायता राशि दी जाती है ।
- विकलांगता होने पर : यदि दुर्घटना में किसानों के दोनों हाथ या दोनों पर या फिर दोनों आंखें खराब हो जाती है तो भी किसान 5 लाख की सहायता राशि मिलेगी ।
- आंशिक विकलांगता होने पर : मतलब पूरी तरीके से लाचार ना होने की स्थिति में --
यदि किसान का एक अंग भी खराब हो जाए तो भी उसको दो से तीन लाख रुपए तक की सहायता राशि मदद के रूप में देने का प्रावधान है।
दुर्घटना के प्रकार :- आच्छादन
1.- यदि आग लगने , बाढ़ , बिजली गिरने ,करंट लगने ,सांप के काटने - जीव जंतु या जानवर द्वारा काटने मारने या आक्रमण से समुद्र ,नदी , झील , तालाब ,पोखर व कुएं में डूबने ,आंधी - तूफान , वृक्ष से गिरने ,बने मकान गिरने , रेल - रोड , वायुयान अन्य वाहन आदि से दुर्घटना / भूस्खलन - भूकंप ,गैस - रिसाव , विस्फोट , सीवर , चैंबर में गिरने अथवा अन्य किसी कारण से कृषक की दुर्घटना वश मृत्यु या विकलांगता होती है तो कृषक विधिक वारिस या बारिशों को इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुमन्य होगी ।
2.- दुर्घटना वश मृत्यु विकलांगता के प्रकार - प्रकृति इत्यादि के संबंध में कोई विवाद उत्पन्न होने पर संबंधित जिला अधिकारी का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा ।
3.- कृषक की मृत्यु दिव्यांगता /विकलांगता यदि आत्महत्या या आपराधिक कार्य स्वयं करते समय होती है तो ऐसी स्थिति में इस योजना के अंतर्गत कृषक को कोई सहायता अनुमन्य नहीं होगी ।
** यदि कोई कृषक मृत्यु या फिर विकलांगता की तिथि को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में विमित है , तथा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसी भी अन्य योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता से आच्छादित है तो उसकी दुर्घटना वश में मृत्यु या विकलांगता की दशा में उसे सामान्य रूप से उसके वारिशों या स्वयं कृषक को इन योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त सहायता की धनराशि को एडजस्ट करते हुए अंतर की धनराशि ही दे होगी इस अंतर वाली धनराशि का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा ।
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| (नोट: यह एक सांकेतिक इन्फोग्राफिक है जो केवल जानकारी देने के लिए AI द्वारा बनाया गया है।) |
जाने पात्रता : 📋 कौन कर सकता है आवेदन?
आवेदन करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए ।किसान की उम्र कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस योजना में केवल खातेदार किसान ही नहीं बल्कि बटाई पर खेती करने वाला कोई भी किसान है और यदि कोई भूमिहीन मजदूर भी है तो वह भी पात्र है।
📂 जरूरी दस्तावेज : इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास यह पेपर्स होने अनिवार्य हैं --
💻 आवेदन कैसे करें ? यूपी सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है -
सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट जो की e-district या राजस्व विभाग के पोर्टल पर है , उस पर जाएं । वहां पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिंक पर क्लिक करें , फॉर्म में मांगी गई जरूरी जानकारी जैसे ; नाम - पता दुर्घटना आदि का विवरण अच्छे से और ध्यानपूर्वक भरें । सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म सबमिट कर दें । यदि कोई किसान पढ़ा लिखा है या उनके घर में कोई सदस्य पढ़े लिखे हैं तो वह यह काम खुद कर सकते हैं अन्यथा किसी भी नजदीकी जन - सेवा केंद्र पर जाकर यह काम बहुत ही आसानी से करा सकते हैं।
किसान के परिवार वाले दुर्घटना के 45 दिनों के भीतर संबंधित तहसील के तहसीलदार ऑफिस में जाकर भी फॉर्म जमा कर सकते हैं । मतलब यदि आप ऑनलाइन करने में सहज नहीं है , आप ऑनलाइन नहीं कर पाते हैं , या हो सकता है कि जन - सेवा केंद्र वाला यह कह दे कि अभी वेबसाइट नहीं चल रही है या फिर और भी कोई कारण , तो आप इन सभी जरूरी दस्तावेजों को तहसीलदार के ऑफिस में जाकर जमा कर सकते हैं।
इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें केवल प्रतीकात्मक (Illustrative) उद्देश्यों के लिए हैं।
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की अधिक जानकारी के लिए [यहाँ क्लिक करें]।
योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु आप नीचे कमेंट बॉक्स में हमसे अपने सवाल पूछ सकते हैं । लेख को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद। इस लेख में दी गई सारी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सोर्सेस से ली गई है । इसमें लेखक द्वारा अपना किसी भी प्रकार का बना बनाया या मनगढ़ंत कहानी कुछ भी नहीं है । ऑनलाइन सोर्सेस से प्राप्त खबरों को अपने हिसाब से आप तक पहुँचाने में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं।


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