मुख्य हाइलाइट्स (Highlights)
- कदम्ब के वृक्ष पर चमके बाबा खाटू - श्याम।
- सबसे विस्मयकारी बात है, बाबा खाटू - श्याम की आकृति का समय ।
- शाम होते ही श्रद्धालुओं की लग जाती है लम्बी लइने।
शामली जिले के झिंझाना क्षेत्र में एक अद्भुत आश्चर्य का विशेष सामने आया है, जहां एक प्राचीन कदम के पेड़ पर बाबा खाटू श्याम जी की अलौकिक आकृति दिखाई दे रही है। शाम होते ही इस चमत्कार को देखने के लिए आसपास के कई जिलों से भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है।
संवाद सूत्र, UP Shamli News, मंदिर वाला डेरा (शामली): उत्तर प्रदेश का शामली जिला इन दोनों एक विशेष धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। थाना झिंझाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पाटनी प्रतापपुर के मजरे मंदिर वाला डेरा (Dera Mandir Wala ) में स्थित भूमिया खेड़ा से एक ऐसी अद्भुत और अचरज भरी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। और जिसने भी सुना उसे अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा है, जिसने देखा उसे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा है। यहां स्थित करीब तीन दशक पुराने एक कदम के पेड़ में भगवान खाटू श्याम की छवि दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह किसी दिव्या चमत्कार से कम नहीं है।
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| ground report KhatuShyam Mandir Wala |
शाम होते ही उभरती है आकृति, सुबह हो जाती है धुंधली (The Evening Miracle)
इस अजीबोगरीब घटना की सबसे अनोखी बात इसका समय है। स्थानीय ग्रामीण विशेष कर जिनके घर के ठीक सामने यह पेड़ स्थित है उनके मुताबिक:
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| मंदिर वाला खाटू श्याम प्राकट्य कदम्ब वृक्ष , 3 Pm |
- दिन के उजाले में यह कदम का पेड़ बिल्कुल सामान्य दिखाई देता है।
- जैसे ही सूर्य अस्त होता है और शाम के ७ या 8:00 बजते हैं, पेड़ के तने के बीचो-बीच बाबा खाटू श्याम जी की एक अलौकिक मूर्ति-जिसमें मस्तक और मुकुट जैसी चमकती हुई आकृति साफ तौर पर उभरने लगती है।
- पूरी रात भक्तों को यह दिव्या आकृति दिखाई देती है, लेकिन सुबह की पहली किरण पडते ही यह धीरे-धीरे धुंधली होकर सामान्य हो जाती है।
- सर्वप्रथम बाबा की आकृति को भूमिया खेड़े के सबसे नजदीकी परिवार वालों ने 12 अगस्त को देखा। उसके बाद यह खबर धीरे-धीरे पूरे गांव मंदिर वाला में फैल गई। बस उसके बाद देखते ही देखते यह अद्भुत खबर आसपास के सभी इलाकों में बहुत तेजी से फैली, जिसके चलते इलाकों के सभी श्रद्धालु दर्शन करने हर रोज शाम के समय गांव मंदिर वाला में उपस्थित होने लगे।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में बड़ी अटूट श्रद्धा चढ़ रहा है प्रसाद और चंदा
जैसे-जैसे यह खबर फैली मंदिर वाला गांव में श्रद्धालुओं का तातां लग गया। मीडिया रिपोर्ट्स - Live Hindustan के मुताबिक लोग इसे बाबा श्याम का साक्षात आशीर्वाद मान रहे हैं। मौके पर मौजूद श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ भजन-कीर्तन कर रहे हैं। प्रसाद चढ़ा रहे हैं, और अपनी मर्जी से मंदिर निर्माण के लिए चंदा भी एकत्रित कर रहे हैं। बच्चों से लेकर युवाओं तक युवाओं से लेकर बुजुर्गों एवं महिला हर कोई शाम होते ही अपनी आंखों से इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए भूमिया खेड़ा पर उपस्थित हो जाते हैं।
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| khatu shyam mandir wala shamli ground report |
क्या है इस चमत्कार के पीछे का सच ?
धार्मिक दृष्टिकोण से भक्त इस कलयुग के अवतार बाबा श्याम की महिमा मान रहे हैं , जो 'हारे का सहारा' कहलाते हैं। वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति की एक अद्भुत कलाकृति या पेड़ की छाल की प्राकृतिक बनावट के रूप में भी देख रहे हैं। वहीं दर्शन करने आए श्रद्धालुओं में से कुछ श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि- यह आकृति केवल कदम के पेड़ के पास में लगे एलईडी बल्ब से पेड़ के तने और बल्ब के बीच में एक विशेष एंगल बनने की वजह से तने की छाया द्वारा ही यह आकृति बनती हुई दिखाई देती है। कारण चाहे जो भी हो, लेकिन इस घटना ने पूरे शामली जिले में आस्था और आश्चर्य का एक ऐसा माहौल बना दिया है , जिसने विज्ञान और विश्वास की चर्चा को दोबारा गर्म कर दिया है।
आप इस बाबा की अलौकिक चमत्कार के बारे में क्या कहना चाहेंगे? अपनी राय नीचे कमेंट में जरूर बताएं। यदि आपको इस खबर से संबंधित किसी भी प्रकार का आपके मन में सवाल हो तो हमे कांटेक्ट अवश्य करें। लेखक ने केवल स्थानीय लोगों की श्रद्धा और उनकी भक्ति को देखते हुए ही इस लेख को आप तक पहुंचाने का प्रयास किया है। कदम के पेड़ में वास्तविक किसी मूर्ति के होने का लेखक और उनकी टीम द्वारा किसी भी प्रकार का दवा नहीं किया जा रहा है। अतः सभी से अनुरोध है की स्वयं जाकर देखकर अपनी आंखों पर ही विश्वास करें।



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